मूलाधार चक्र

मूलाधार चक्र की 4 पंखुड़ियां होती है. इन चार पंखुड़ियों पर होती है 4 शक्तियां. इन शक्तियों में इतना आकर्षण होता है कि हमारी इन्द्रियों को इस संसार की ओर आकर्षित किए रखती है. संसार के जितने भी आकर्षणों के प्रति हम आकर्षित होते है उनके पीछे मूलाधार चक्र की शक्तियां काम कर रही होती है. कभी एक शक्ति तो कभी एक से अधिक शक्तियां हमारी सभी इच्छाओं के पीछे काम कर रही होती है.
हमारा मन
हमारा मन सबसे अधिक इसी चक्र से attached रहता है. यानि मन का कार्य एक तरह से इंसान को मूलाधार चक्र की शक्तियों के साथ लगातार जोड़े रखना होता है. इसलिए ही मन लगातार इस तरह के विचार पैदा करता रहता है. मूलाधार चक्र सबसे रहस्यमय है. रहस्यमयी शक्तियों से भरपूर चक्र के पास Positive और Negative दोनों तरह की शक्तियां विद्यमान होती है.
ध्यान और मन
ध्यान में अगर कोई चक्र सबसे अधिक भटकाता है तो वो है मूलाधार चक्र. ध्यान के दौरान सबसे अधिक विचार भी यही चक्र उत्पन्न करता है. जब आप ध्यान करते है तो यह महसूस कर सकते है और यह बात समझ सकते है कि अधिकतर विचार मूलाधार चक्र से संबंधित ही दिमाग में आ रहे है.
मूलाधार चक्र का तत्व
हर चक्र के बीचो बीच होता है उसका तत्व. मूलाधार चक्र का तत्व है पृथ्वी. पृथ्वी तत्व का रंग पीला होता है और इसे पीले रंग के एक वर्ग से प्रदर्शित किया जाता है. हर चक्र के तत्व की खासियत होती है कि वो उस चक्र को बैलेंस कर सकता है.
मूलाधार चक्र जब असंतुलित हो जाता है तो इसके तत्व पृथ्वी के माध्यम से ही इसे संतुलित किया जाता है.


