कुण्डलिनी जागरण जितना रहस्यमयी है उतना खतरनाक भी हो सकता है यदि योग्य गुरु के सानिध्य में न किया जाए।
कई बार लोग वीडियो देख कर, किताबें पढ़ कर खुद से कुंडलिनी जैसी सूक्ष्म क्रियाएं करने लगता है। जिससे उन्हें फायदा होने कि बजाय उल्टा नुकसान होने लगता है। यहां नुकसान कुंडलिनी नहीं करती बल्कि गलत जानकारी करती है। क्योंकि गलत जानकारी या सही जानकारी न होने के कारण आप कुण्डलिनी को सही तरह से हैंडल नहीं कर पाते और इससे कई बार परेशानी इतनी अधिक हो जाती है कि उससे निपटना मुश्किल हो जाता है।
कुंडलिनी जागरण के 3 खतरे
- शरीर में ऊर्जा का अचानक बढ़ जाना। अचानक नाभि के आसपास ऊर्जा इतनी अधिक बढ़ जाती है कि उसे संभालना मुश्किल हो जाता है। इस ऊर्जा को जब सही रास्ता नहीं मिलता तो यह ऊर्जा पूरे शरीर में फैलने लगती है। बहुत सारे साधकों को पावो के तलवों में जलन होने लगती है जो दवाई इत्यादि लेने पर भी नहीं जाती।
- शरीर में कई अंगों पर झटके लगने लगते है। यह झटके आमतौर पर मणिपुर चक्र के आसपास से शुरू होता है। फिर यह पूरे शरीर में कही पर ही लगने लगता है। जानकारी न होने के कारण साधक इन झटकों से डर जाता है। इस वजह से आगे की यात्रा भी रुक जाती है। यानि फायदा होने की बजाए नुकसान होने लगता है।
- कुंडलिनी जब बिगड़ कर स्वाधिष्ठान चक्र पर अपनी ऊर्जा बिखेरने लगती है तो उसकी वजह से आपके आपसी संबंध बिगड़ने लगते हैं। आपको समझ ही नहीं आता कि यह हो क्यों रहा है और बहुत कोशिश करने के बाद भी आप इसे रोक ही नहीं पाते।
इसके अतिरिक्त और भी बहुत सारी काम्पलीकेशंस साधकों के साथ घटित होती है। जिनका समाधान सांसारिक नहीं होता बल्कि कुछ सूक्ष्म क्रियाएं होती है जो साधक के अनुभव के आधार पर गुरु ही आपको बता सकता है।
मेरे पास दुनियां भर से कुण्डलिनी के बिगड़े हुए कई केसेस आते है। ज्यादातर केसेज वैसे ही होते है जो हमने ऊपर डिस्कस किये है। कई साधक तो बहुत ही परेशान होते है। हालांकि सभी तरह की कुण्डलिनी की समस्याओं का निदान हमारे द्वारा हो जाता है। लेकिन हमें दुख होता है कि लोग खुद से कुण्डलिनी उठाने का जोखिम आज भी लेते है।
याद रखिए कि कुंडलिनी जागरण की प्रक्रिया में आपको नियमित रूप से गाइडेंस की आवश्यकता पड़ती है। यानि हर पड़ाव पर आपको आगे की यात्रा के लिए नए निर्देशों की आवश्यकता होती है। लेकिन आश्चर्य है कि साधक बिना कुछ जाने खुद से ही करने लगते है।
कुंडलिनी जागरण कभी भी बिना गुरु के बिना सानिध्य के नहीं करें। इस संदर्भ में आप हमसे भी संपर्क कर सकते है।
इन सेवाओं के लिए हमारा व्हाटसअप नंबर 9315835440 पर आप संपर्क कर सकते है।

